Mujhko Chhav Me Rakh Diya Aur Khud Jalte Rhe Dhup Main

Mujhko Chhav Me Rakh Diya Aur Khud Jalte Rhe Dhup Main

Mene Dekha Hai Ek Aisa Fahrista Apne Peeta Ke Rup Main.

मुझको छाँव में रख दिया और खुद जलते रहे धूप में,
मैंने देखा है एक ऐसा फरिश्ता अपने पिता के रूप में

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तू मेरे गांव को गँवार कहता है

तेरी बुराइयों को हर अख़बार कहता है,
और तू मेरे गांव को गँवार कहता है।

ऐ शहर मुझे तेरी औक़ात पता है,
तू बच्ची को भी हुस्न ए बहार कहता है।

थक गया है हर शख़्स काम करते करते,
तू इसे अमीरी का बाज़ार कहता है।

गांव चलो वक्त ही वक्त है सबके पास,
तेरी सारी फ़ुर्सत तेरा इतवार कहता है।

मौन होकर फोन पर रिश्ते निभाए जा रहे हैं,
तू इस मशीनी दौर को परिवार कहता है।

वो मिलने आते थे कलेजा साथ लाते थे,
तू दस्तूर निभाने को रिश्तेदार कहता है।

बड़े-बड़े मसले हल करती थी पंचायतें,
अंधी भ्रस्ट दलीलों को दरबार कहता है।

अब बच्चे भी बड़ों का अदब भूल बैठे हैं,
तू इस नये दौर को संस्कार कहता है।

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बरसात तो वो गांव के कच्चे घरों की छत्तों पे हुआ थी

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बरसात तो वो गांव के कच्चे घरों की छत्तों  पे हुआ  थी
यहां शहरों में तो बस ऊँची इमारतों से बस  पानी  गिरता है

बरसात में गांव में मिट्टी  की खुशबू आया करती थी
यहां शहरों  गंदे नलो की भदबू  ही  आती है

बरसात तो वो पानी से भरी कच्ची गलियों में होती थी
यहां शहर में तो बस पक्की सड़कें सुखी ही नजर आती है

बरसात तो वो गांव में पानी में एक साथ खेलने में होती थी

ऐ माँ

यहां शहर में तो बस घर के शीशों से पानी की बुँदे ही नजर आती है

Barsaat to wo ghav ke kachhe gharo ki chatto pe hua karti thi

Yha shaharo me to bas unchi imarato se bas pani hi girta hai

Basaat me  ghav me mitti ke khushbhoo hua karti thi

Yha shaharo me to bas gandhe nalo ki badhubhu hi aati hai

Barsaat to wo pani se bhari kachhi galiyo me hoti thi

Yhaa shahar me to bas pakki sadke shukhi hi najar aati hai

 

Barsaat to wo ghav me pani me ek sath khelne me hoti thi

Aye maa

Yha shahar me to bas ghar ke shisho se pani ki bunde hi najar aati hai

 

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Bahut door chale aaye h hum

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बहुत दूर चले आयें है हम अपने गाँव और मकान से !
बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है ऐ शहर बेहतर जिंदगी बनाने में !!

Bahut door chale aaye h hum apne gaon or makaan se !

Badi kimat chukani padi h ey shahar behtar jindgi banane me !!

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