आज शहर की भीड़ भाड़ में अकेलेपन …

gaav se saharआज हमें गावं (लालगढ़ जाटान) से शहर (दिल्ली) को आये बीत गये है साल कई। …

आज शहर की भीड़ भाड़ में अकेलेपन का एहसास हुआ तो !

गावं के लोगो का अपनापन याद आ गया !!

आज शहर में बच्चो को मंहगे महंगे खिलोने से खेलते देखा तो !

गावं की मिटटी में बिताया बचपन याद आ गया !!

आज शहर की वातानुकूलक (AC) में भी जलन हुई तो !

गावं की धुप में मिली ठंडक का एहसास याद आ गया !!

आज शहर में ऑफिस जाते समय लगाया जाने वाला इत्र दहकता है तो !

गावं में आधी छुट्टी भागते हुए स्कूल जाते समय का महकता पसीना याद आ गया !!

by : संदीप मारवाल

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